लाडकी बहिन योजना को लेकर बड़ी खबर
महाराष्ट्र मे एकनाथ शिंदे द्वारा शुरू की गईं लाडकी बहिन योजना का लाभ महायुक्ति दल को मिलती नजर आ रही है I सरकार भी लगातार महिलाओं व बहनों के खातों मे हर महीने पैसे ट्रांसफर कर रही हैं I अब महायुक्ति दल इस महीने इस योजना मे कुछ बदलाव किए हैं I अब नवंबर और दिसंबर की किश्त एकसाथ ट्रांसफर होगी I इस फैसला से महाराष्ट्र निकाय चुनाव के दौरान महायुति को फायदा हो सकता है I
लाडकी बहिन योजना के दो किश्तें
मिलेंगी एक साथ I चुनाव में महायुक्ति को होगा फायदा!
महाराष्ट्र मे एकनाथ शिंदे द्वारा शुरू की गईं लाडकी बहिन योजना का लाभ महायुक्ति दल को मिलती नजर आ रही है I सरकार भी लगातार महिलाओं व बहनों के खातों मे हर महीने पैसे ट्रांसफर कर रही हैं I अब महायुक्ति दल इस महीने इस योजना मे कुछ बदलाव किए हैं I अब नवंबर और दिसंबर की किश्त एकसाथ ट्रांसफर होगी I इस फैसला से महाराष्ट्र निकाय चुनाव के दौरान महायुति को फायदा हो सकता है I
महायुति सरकार की योजनानुसार लाडली बहन योजना के 1500 उनके खाते में जमा नही किए गए I जब 7 दिसंबर तक पैसे खाते में नही आए तो लोगों में चिंता का माहौल बन गया I लोगों को आशंका होने लगी कि कहीं KYC मे कुछ कमी तो नहीं रह गई I परंतु सरकार ने यह फैसला किया कि,अब दो महीने की किश्त एक साथ मिलेगी I अब 29 महानगर पालिकाओं में चुनाव होना बाकी है I उन चुनावों से पहले सभी महिलाओं के खातों में पैसे जमा करवा दिए जायेंगे I उनके इस फैसले से चुनावों में फायदा मिल सकता है I
दिसंबर के महीने में लाडकी बहिन योजना की 17 वीं किश्त आनी थी, पर अब 18 वीं किश्त भी साथ में आएंगी I
KYC - अपडेट की खबर
महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने लोगों को सूचना दी थी कि, 31 दिसंबर से पहले KYC करवाना जरूरी है वरना उनके एकाउंट मे पैसे नही आएंगे I इसलिए महिलाओं के मन मे चिंता सता रही थी I परंतु सरकार के इस फैसले से महिलाओं को चिंता लेना करने की जरूरत नही पड़ेगी I
दिसंबर अंत तक राशि मिलने की संभावना !
महिला एवं बाल विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि KYC प्रक्रिया के कारण पैसे जमा नहीं हो सके I इसलिए अब दो महीने का पैसा एक साथ ही दिसंबर के आखिरी सप्ताह में यह राशि भेजी जाने की उम्मीद है I दूसरी ओर, राज्य में इस समय स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं। जिनके परिणाम 21 दिसंबर को आएंगे। इस बीच आचार संहिता का ध्यान भी सरकार रखना चाहती है।