100 दिनों के प्रोग्राम की पेंडिंग मुद्दों पर समीक्षा !
मुंबई, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्षा निवास पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। जनता तक सरकारी योजनाएं सरल और तेजी से पहुंच सकें इसके लिए हर विभाग में आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकें अपनाई जानी चाहिए। महाराष्ट्र के विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी विभाग का विस्तार किया जाए और उसमें IT, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा AI को शामिल किया जाए।
100 दिन के कार्यक्रम के लंबित मामलों की समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्षा निवास पर 100 दिन के कार्यक्रम से जुड़े पेंडिंग मुद्दों की समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री कार्यालय की एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अश्विनी भिड़े, सेक्रेटरी श्रीकर परदेशी समेत विभिन्न विभागों के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और सेक्रेटरी उपस्थित थे।
समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के निर्देश
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिया कि 100 दिन के लक्ष्य को हासिल करने में अगर कोई तकनीकी, प्रशासनिक या अन्य बाधा आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि जनहित से जुड़े कार्यों की रफ्तार बढ़ाएं और निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ उन्हें पूरा करें।
16 दिसंबर 2025 तक पॉलिसी से जुड़े 883 में से 807 मामलों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।
राज्य सरकार के 100 दिन के स्ट्रेटेजिक प्रोग्राम के तहत विभिन्न विभागों के पेंडिंग कामों की समीक्षा में पता चला कि पॉलिसी मामलों में 91% काम पूरे कर लिए गए हैं। 1 मई 2025 को यह दर 78% थी, जिससे साफ है कि कम समय में तेज़ प्रगति हुई है।
इस 100-दिवसीय कार्यक्रम में फिलहाल सामान्य प्रशासन, सामाजिक न्याय व विशेष सहायता, शहरी विकास, दिव्यांग कल्याण, वन विभाग, आवास, मृदा एवं जल संरक्षण, ओबीसी कल्याण, सार्वजनिक निर्माण और खेल एवं युवा कल्याण जैसे कई विभाग तेज़ी से अपने लंबित काम निपटा रहे हैं।
100 दिन के कार्यक्रम के तहत कई विभागों में 76 अहम मुद्दों पर लगातार काम हो रहा है और उन पर ठोस कदम उठाए गए हैं।
वर्तमान में सामान्य प्रशासन, सामाजिक न्याय व विशेष सहायता, शहरी विकास, दिव्यांग कल्याण, वन, आवास, मृदा व जल संरक्षण, ओबीसी कल्याण, सार्वजनिक निर्माण, खेल व युवा कल्याण, खाद्य व नागरिक आपूर्ति, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, पर्यटन, सार्वजनिक स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन, खाद्य व औषधि प्रशासन, जनजाति विकास, जल आपूर्ति व स्वच्छता, राहत व पुनर्वास, महिला व बाल विकास, कौशल विकास, रोजगार, उद्यमिता व नवाचार, राजस्व और कृषि—इन सभी विभागों में महत्वपूर्ण फैसलों और मुद्दों पर सक्रिय रूप से प्रगति की जा रही है।