कुंभ मेले के लिए पेड़ों की कटाई पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की समीक्षा बैठक I

मुंबई – महाराष्ट्र सरकार ने होने वाले कुंभ मेले के लिए नाशिक में स्थित तपोवन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों में हो रहे मतभेदों के माहौल को शांत करते हुए कहा कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कम से कम संख्या में पेड़ों की कटाई की जाए।

कुंभ मेले के लिए पेड़ों की कटाई पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की समीक्षा बैठक I

कुंभ मेले के लिए पेड़ों की कटाई पर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की समीक्षा बैठक I 

मुंबई – महाराष्ट्र सरकार ने होने वाले कुंभ मेले के लिए नाशिक में स्थित तपोवन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों में हो रहे मतभेदों के माहौल को शांत करते हुए कहा कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि कम से कम संख्या में पेड़ों की कटाई की जाए।

नाशिक नगर निगम को नाशिक के तपोवन क्षेत्र में साधु ग्राम बनाने के लिए लगभग 1800 पेड़ काटने की अनुमति मिली थी। कुंभ मेला 2027 के लिए इस अनुमति पर प्रकृति प्रेमियों और अन्य विपक्षी दलों ने विरोध जताया और इसके खिलाफ आवाज़ उठाई।

विपक्षी दलों ने जताया विरोध

उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और अजित पवार गुट के एनसीपी नेता (अभिनेता सयाजी शिंदे) — इन सभी विपक्षी नेताओं ने मिलकर NMC द्वारा पेड़ काटने के फैसले का कड़ा विरोध जताया और प्रशासन को यह कदम उठाने से रोका।

देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के विवादों पर चर्चा करते हुए कहा कि कुछ लोग तेजी और मेहनत से यह कार्य कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग राजनीतिक रूप से प्राकृतिक प्रेमी बन गए हैं। लेकिन हमारा लक्ष्य कम से कम पेड़ों की कटाई करना है और हम उसी अनुसार कार्य कर रहे हैं।

पेड़ पूरी तरह नहीं काटे जाएंगे

कुंभ परियोजना के लिए 1800 पेड़ कटने की अनुमति दी गई थी, परंतु पेड़ पूरी तरह नहीं काटे जाएंगे। कुछ पेड़ स्थानांतरित किए जाएंगे और सावधानीपूर्वक दूसरी जगह लगाया जाएगा। पेड़ों की कटाई की संख्या बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही है। केवल पेड़ काटने की ही नहीं, बल्कि जहाँ भी संभव हो, वहां पेड़ लगाए जाएंगे। इसके लिए नई योजना बनाई जा रही है।

सत्तारूढ़ दल के एक नेता ने कहा, "कुछ लोग कुंभ की तैयारियों में अनावश्यक बाधाएं डालने की कोशिश कर रहे हैं, पर वे अपने कार्यों में सफल नहीं हो पाएंगे।"

पेड़ों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
एक पेड़ के बदले दूसरे स्थानों पर पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि हरियाली बनी रहे।