दिव्यांग-अव्यांग विवाह समर्थन योजना
दिव्यांग हित विभाग के सचिव तुकाराम मुंढे ने कहा कि, दिव्यांग - अव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजनाओं में काफी सुधार देखने को मिला है I और सब्सिडी राशि बढ़ाकर योजना को और प्रभावशाली बनाया गया है I विकलांग ( दिव्यांग) लोगों की शादी व जीवन साथी को लेकर समाज में जो गलत विचार और रीतियों को बनाया गया हैं I वो सभी बातों का प्रभाव उनके पूरे जीवन पर लंबे समय तक पड़ता है I सरकार द्वारा दिव्यांग व्यक्तियों के विवाह का समर्थन करने के लिए यह अहम फैसला उठाया गया है I
आमतौर पर देखा जाता है कि, विकलांगता को कमजोरी या अधिकारों की कमी माना जाता है I सरकार ने लोगों की यह सोच को बदलने के लिए दिव्यांग - अव्यांग व्यक्तियों के शादी को बढ़ावा देने का फैसला किया है I सचिव मुंढे ने बताया कि दिव्यांग व्यक्ति का शादी करना माता पिता के लिए मुश्किल होता है I और उनके हालत को देख कर कईं बार शादी को टाल दिया जाता है या उनके लिए अलग जीवन साथी की खोज करते हैं I खाश करके महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है I और उनको मानसिक व शरीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है I
सरकार - और संगठनों द्वारा प्रयास : सरकार और गैर सरकारी संगठन यह चाहते हैं कि, दिव्यांग - अव्यांग व्यक्तिओं को मुख्य रूप से शामिल किया जाएं और उन्हे वही सम्मान मिले जो अन्य व्यक्तियों को मिलता है I
विवाह प्रोत्साहन पर आर्थिक मदद
1 ) दिव्यांग - अव्यांग विवाह जैसे कि - ( एक दिव्यांग और एक सामान्य ) व्यक्ति के विवाह के लिए सरकार द्वारा 1 ,50,000 रुपये प्रदान करवाएं जाएंगे I
2 ) दिव्यांग - दिव्यांग विवाह ( दोनों दिव्यांग व्यक्ति के विवाह के लिए ) 2,50,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं I
पैसे मिलने की प्रक्रिया
यह पैसा डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर ( DBT ) सिस्टम से सीधे पति - पत्नी के संयुक्त खाते में भेजा जाएगा I
जरूरी शर्तें
जो जोड़ी यह रकम पाएंगे , उन्हे 50% रकम 5 साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट में रखना होगा I शादी के तुरंत बाद पुरा पैसा खर्च नही किया जा सकता I
विवाह हेतु अलग- अलग धनराशि की सहायता