मुंबई के यात्रियों को मिलेगा घर जैसा सुख स्टेशन पर , जानिए पूरी खबर!

मुंबई के यात्रियों को मिलेगा घर जैसा सुख स्टेशन पर , जानिए पूरी खबर!
Mumbai passengers to experience home-like comfort at the station; read the full story!

मुंबई, पश्चिम रेलवे ने मुंबई में पहला डिजिटल विश्राम कक्ष ( लाउंज ) खोला है I यह रेलवे का पहला बैठक कक्ष है , जिसमे सारी सुविधाएं दिए जाएंगे , जिसे यात्रियों को आराम मिलेगी I साथ ही वें लोग ऑफिस का काम यहां बैठ कर कर सकते है और विद्यार्थी भी अपनी पढाई यहां कर सकेंगे I यह लाउंज कुल 1712 वर्ग फीट क्षेत्र में बनाया गया है और इसका डिज़ाइन एयरपोर्ट की तरह तैयार किया गया है। इस सुविधा से पश्चिम रेलवे अगले पाँच सालों में नॉन-फेयर रेवेन्यू के तौर पर लगभग 3.20 करोड़ रुपये कमाएगी।

डिजिटल लाउंज और को-वर्किंग स्पेस की मुख्य सुविधाएँ -

 1 ) तेज़ इंटरनेट और हर सीट पर चार्जिंग की सुविधा

 2 ) आरामदायक बैठने की जगह, जिसमें कुर्सियाँ, टेबल और सोफ़ा शामिल

 3 ) प्राइवेट बातचीत और बैठकों के लिए अलग मीटिंग/कॉन्फ्रेंस रूम

4 ) वीडियो कॉल और मीटिंग के लिए शांत और लचीली जगह

5 ) सेल्फ-सर्विस में हल्के स्नैक्स और नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक्स

6 ) ध्यान से काम करने के लिए मॉड्यूलर वर्क डेस्क

7 ) साफ-सुथरी और बेहतर वॉशरूम सुविधाएँ 

8 ) सिर्फ यात्री ही नहीं, आम लोग भी उठा सकेंगे लाभ

अधिकारियों के मुताबिक यह सुविधा केवल सफर करने वाले यात्रियों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। वर्क फ्रॉम होम करने वाले प्रोफेशनल यहां आकर आराम से अपना काम कर पाएँगे। कॉलेज के छात्र भी पढ़ाई या असाइनमेंट के लिए इस जगह का उपयोग कर सकते हैं।

मुंबई में कई ऐसे प्रोफेशनल और फ्रीलांसर हैं जिन्हें घर का माहौल सुविधाजनक नहीं मिलता, इसलिए वे अक्सर होटल या कैफ़े में बैठकर काम करते हैं। इसी वजह से पश्चिम रेलवे का मानना है कि आगे चलकर लोग उनके बनाए जा रहे डिजिटल लाउंज को भी एक बेहतर विकल्प के रूप में जानेंगे I

लाउंज से रेलवे को होगी कमाई! 

अभी रेलवे स्टेशनों पर यात्री वेटिंग रूम में बैठकर ट्रेन का इंतज़ार करते हैं। एग्जीक्यूटिव लाउंज में वे थोड़ा ज़्यादा पैसा देकर आराम कर सकते हैं I स्टेशनो पर ऑफिस जैसा काम आराम से नहीं हो पाता।

अब शुरू होने वाला यह नया डिजिटल लाउंज यात्रियों को काम करने की बेहतर सुविधा देगा। इससे पश्चिम रेलवे के मुंबई डिविजन को हर साल लगभग 50 लाख रुपये की कमाई होने की उम्मीद है।