बढ़ते नकली टिकट को लेकर रेलवे ने उठाया बड़ा कदम!
सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे ने मिलकर फेक टिकट के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है I यह कदम आज कल फेक , व नकली टिकटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के बढ़ते मामलों को देख कर उठाया गया हैI
मुंबई, सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे ने मिलकर फेक टिकट के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है I यह कदम आज कल फेक , व नकली टिकटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के बढ़ते मामलों को देख कर उठाया गया हैI
टिकट चेकिंग तेजी से की जाएगी
सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे के सबअर्बन नेटवर्क में टिकट चेकिंग को पहले ज्यादा तेज़ और कड़े तरीके से किया जाएगा। स्टेशन और ट्रेनों में स्पेशल टिकट चेकिंग टीमें रखी जाएंगी I और हर व्यक्ति का टिकट चेक किया जाएगा I ताकि बिना टिकट या फेक टिकट पर सफर करने वालों का पता लगाकर उनपर कड़ी कार्रवाई करवाई जा सके I
कोई भी पहचान पत्र साथ होना जरूरी है
टिकट चेकिंग के दौरान यात्रियों के पास उनका पहचान पत्र होना जरूरी है I और पास वाले यात्रियों के लिए यह सूचना दी गई है कि, पहचान पत्र में दी गई डिटेल्स मासिक टिकट पर भी होना चाहिए I अब रेलवे फेक व नकली टिकट बनाने या उपयोग करने वाले लोगों पर सख्त कदम उठा रही है I यात्रियों को चेतवानी दी गई है कि, वो किसी प्रकार के फेक व नकली टिकट का उपयोग करके धोखाधड़ी वाला तरीका न अपनाएं I
सजा में जुर्माना या जेल हो सकता है
भारतीय न्याय संहिता (BNS) एक्ट 2023 की विभिन्न धाराओं - 318(2), 336(3), 336(4), 340(1), 340(2) और 3/5- के तहत छल-कपट से जुड़े अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में जुर्माना और 7 साल तक की जेल, या दोनों प्रक्रिया हो सकते हैं। सेंट्रल और वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों से दर्ख़ास्त की हैं,कि वे केवल अधिकृत वेंडर, रेलवे स्टेशन बुकिंग काउंटर या ATVM (ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन ) से ही मान्य टिकट लेकर यात्रा करें।