मुंबई, (BMC) ने यह फैसला लिया कि फिरीवालों को फुटपाथों से हटाने के लिए एनजीओ को नियुक्त करेगी I
मुंबई, (BMC) ने यह फैसला लिया कि फिरीवालों को फुटपाथों से हटाने के लिए एनजीओ को नियुक्त करेगी I
मुंबई, (BMC) ने यह फैसला लिया कि फिरीवालों को फुटपाथों से हटाने के लिए एनजीओ को नियुक्त करेगी I
अंधेरी में फुटपाथों से फेरीवाला अतिक्रमण हटाने की बड़ी तैयारी, NGOs की मदद लेगी BMC
मुंबई। आगामी 2026 में होने वाले बीएमसी चुनावों से पहले बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अंधेरी सहित पश्चिमी उपनगरों की सड़कों को फेरीवालों से मुक्त कराने के लिए गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को नियुक्त करने का निर्णय लिया है। पैदल यात्रियों की बढ़ती परेशानी और फुटपाथों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को देखते हुए निगम ने पिछले सप्ताह चार निविदाएं जारी की हैं।
नगर निगम का मानना है कि मुंबई जैसी तेज़ रफ्तार शहर में साफ-सुथरी और सुलभ सड़कें नागरिकों के लिए बेहद जरूरी हैं। लंबे समय से फुटपाथों पर लग रहे अस्थायी ठेलों व फेरीवाला बाजारों के कारण अंधेरी की सड़कों पर भीड़ बढ़ रही थी, जिससे यातायात प्रभावित होता था। कई बार जाम लगने और धूल भरी भीड़भाड़ के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
पहले भी बीएमसी ने कुर्ला, अंधेरी, चेंबूर और गोवंडी के स्लम तथा अर्ध-आवासीय इलाकों में पार्किंग प्रबंधन और कचरा सफाई के लिए NGOs व स्वयं सहायता समूहों को जिम्मेदारी दी थी। अब पुलिस की सहायता से फुटपाथ खाली कराने की इस नई पहल को तेजी से लागू किया जा रहा है।
21 नवंबर को बीएमसी ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर साफ कर दिया कि शहर की सड़कों पर अवैध फेरीवाले नहीं दिखने चाहिए। इसके लिए NGO कर्मियों, श्रमिक सहकारी समितियों और अन्य सहकारी संगठनों के लगभग 15 सदस्य अंधेरी क्षेत्र में तैनात किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर यह जिम्मेदारी सीधे बीएमसी के कर्मचारियों को भी दी जा सकती है। ये टीमें फुटपाथों पर अतिक्रमण, खुले में खाना पकाने–बेचने और बगैर लाइसेंस के अस्थायी स्टॉल लगाने वाले फेरीवालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। साथ ही सड़कों से कचरा व गंदगी हटाने का कार्य भी उनके जिम्मे होगा।
बीएमसी ने फरवरी 2026 तक पूरे अभियान को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यह कदम न केवल चुनावों पर असर डाल सकता है बल्कि नागरिकों को भी ज्यादा सुरक्षित, साफ-सुथरा और सुविधाजनक पैदल मार्ग उपलब्ध कराएगा।
अंधेरी व आसपास के इलाकों में वर्षों से फेरीवाला बाजारों के कारण लगने वाले जाम, धूल और अव्यवस्था से लोग परेशान थे। अब इस पहल से स्थानीय निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।