रैपिडो निदेशक पर बिना लाइसेंस बाइक-टैक्सी सेवा देने का मामला हुआ दर्ज!

इस दौरान रैपिडो ऐप से बुक की गईं  तीन बाइक राइड प्राइवेट टू वीलर का उपयोग करते हुए गैर - कानूनी रूप से चलाते हुए पकड़े गए I पूछताछ करने पर राइडर्स ने 42 से 44 रुपये स्वीकार किया I तीन बाइक मालिकों/राइडर्स पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि एक आदमी पर लाइसेंस ना होने के चलते 500 का जुर्माना लगाया I 

रैपिडो निदेशक पर बिना लाइसेंस बाइक-टैक्सी सेवा देने का मामला हुआ दर्ज!

रैपिडो निदेशक पर बिना लाइसेंस बाइक-टैक्सी सेवा देने का मामला हुआ दर्ज! 


मुंबई, पुलिस ने रैपिडो ऐप संचालित  करने वाली कंपनी के अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज की I बताया जा रहा है कि, रैपिडो ऐप के निदेशक बिना सरकारी लाइसेंस  बाइक-टैक्सी सेवा प्रदान कर रहे थे I आरटीओ की जांच में कई प्राइवेट टू-व्हीलर गैर-कानूनी रूप से यात्रियों को ले जाते पकड़े गए।

मुंबई, नेहरू नगर पुलिस ने रैपिडो ऐप संचालित पर  यह कार्यवाही 3 दिसंबर को मुंबई ईस्ट आरटीओ की मोटर विकल इंस्पेक्टर मनीषा अशोक मोरे की शिकायत पर की गईं है।  शिकायत के अनुसार, 2 दिसंबर को एमवीआई विकास संपत लोहकरे की अगुवाई में एक एनफोर्समेंट टीम ( ट्रैफिक नियमों का देख-रेख करने वाला ) ने कुर्ला नेहरू नगर स्थित एसटी डिपो के पास अचानक जांच अभियान चलाया।

रैपिडो पर 10 हजार रुपये का जुर्माना! 

इस दौरान रैपिडो ऐप से बुक की गईं 
तीन बाइक राइड प्राइवेट टू वीलर का उपयोग करते हुए गैर - कानूनी रूप से चलाते हुए पकड़े गए I पूछताछ करने पर राइडर्स ने 42 से 44 रुपये स्वीकार किया I तीन बाइक मालिकों/राइडर्स पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जबकि एक आदमी पर लाइसेंस ना होने के चलते 500 का जुर्माना लगाया I 

 उनके पास बाइक-टैक्सी चलाने के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी नही थी I
 

शिकायत में कहा गया कि, रैपिडो के पास महाराष्ट्र सरकार या रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से पेट्रोल इंजन वाली बाइक-टैक्सी चलाने का कोई  लाइसेंस नही था , इसके बावजूद  कंपनी यात्रियों को लेकर आने-जाने और ऐप की कमाई को जारी रखा था I अधिकारियों के मुताबिक, रैपिडो का यह संचालन मोटर वीकल एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के कई प्रावधानों को उल्लंघन करता है। पुलिस ने मोटल वीकल एक्ट की धारा 66, 93, 192ए, 193, 197, बीएनएल की धारा 318 (3) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया है।