मुंबई की बिना OC वाली इमारतों को मिलेगी बड़ी राहत, सरकार लाई नई एमनेस्टी स्कीम !
महाराष्ट्र सरकार ने घोषणा की है , कि जल्द ही एक संशोधित ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) एमनेस्टी स्कीम लागू की जाएगी। इस योजना के तहत मुंबई की लगभग 20,000 इमारतों को नियमित करने का रास्ता साफ होगा, जो कई वर्षों से OC के बिना ही खड़ी हैं।
यह घोषणा महाराष्ट्र विधानसभा के नागपुर में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने की। शिंदे, जो शहरी विकास और आवास विभाग की जिम्मेदारी भी संभालते हैं, उन्होंने बताया कि इस योजना से 10 लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा होगा।
कई इमारतों को केवल स्वीकृत नक्शे में हल्की-फुल्की तकनीकी गड़बड़ियों के कारण OC नहीं मिल पाया था।
इन इमारतों में रहने वाले लोगों को अब तक दोगुना प्रॉपर्टी टैक्स, ज्यादा पानी बिल, और सामान्य सीवेज शुल्क भरना पड़ रहा था। इन आर्थिक और कानूनी दिक्कतों को देखते हुए सरकार यह राहत योजना ला रही है। नई स्कीम लागू होने के बाद 2.5 लाख से ज्यादा परिवारों पर लगने वाला यह अतिरिक्त बोझ खत्म हो जाएगा और उन्हें आधिकारिक रूप से सभी सुविधाएँ और वैधता मिल सकेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम उन सभी नागरिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जो कई वर्षों से OC ना होने की वजह से परेशान थे।
नई स्कीम के फायदे
सरकार के बयान में बताया गया कि इस योजना से निवासियों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे:
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब बिना OC होने के कारण दोगुना प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देना पड़ेगा।
होम लोन लेना भी आसान हो जाएगा, क्योंकि अब इमारतें आधिकारिक रूप से वैध मानी जाएंगी। इससे प्रॉपर्टी का रीसेल मूल्य भी बढ़ेगा और खरीदार आसानी से मिल सकेंगे।
पुनर्विकास (रीडेवलपमेंट) के दौरान निवासी अपना पूरा हक और एफ़एसआई लाभ बिना किसी रुकावट के प्राप्त कर सकेंगे।
जिन इमारतों ने नियमितीकरण के लिए आवेदन किया है, उन्हें अतिरिक्त या किराये के इलाके के प्रीमियम पर 50% छूट मिलेगी, जो तय दरों के अनुसार होगी।
छह महीनों में जमा किए गए प्रस्तावों पर कोई जुर्माना नहीं लगेगा। अगर कोई प्रस्ताव छह महीने से एक साल के भीतर जमा किया जाता है, तो उस पर 50% जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके अलावा, प्रत्येक फ्लैट मालिक अपने-अपने फ्लैट के लिए अलग से ओसी (Occupancy Certificate) लेने की सुविधा पा सकेगा।
बड़े क्षेत्रों पर प्रभाव I
सरकार के मुताबिक, यह एमनेस्टी योजना उन अस्पतालों और स्कूलों को भी बड़ी राहत देगी जो अभी तक अनाधिकृत निर्माण की श्रेणी में आते थे। इससे स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को राहत मिलेगी। सरकार की योजना है कि ऐसी नीतियां महाराष्ट्र के अन्य नगर निगमों में भी लागू की जाएं।
शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार पिछले साढ़े तीन वर्षों से मुंबई को बदलने के लिए काम कर रही है। सरकार का ध्यान मौजूदा निवासियों की सुरक्षा पर हैं , और वे चाहते हैं कि जो मूल निवासी शहर छोड़कर चले गए थे, वे वापस लौटें।
उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी नीतियाँ महाराष्ट्र के अन्य नगर निगमों में भी लागू करने की योजना है। शिंदे ने मुंबई वासियों से अपील की कि वे नई एमनेस्टी योजना का पूरा लाभ उठाएँ, ताकि कई सालों से चल रहे कानूनी और आर्थिक विवाद खत्म हो सकें।