नाशिक कुंभ मेले के लिए आज से 21 दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे I

नाशिक कुंभ मेले के लिए आज से 21 दिनों तक धार्मिक अनुष्ठान शुरू होंगे I
Religious rituals for the Nashik Kumbh Mela begin today and will continue for 21 days

मुंबई,नाशिक कुंभ मेला 2027 में शुरु होगा I महाराष्ट्र सरकार ने नाशिक कुंभ मेला 2027 की तैयारियां  जोर-शोर से शुरू कर दी है I बताया जा रहा है कि कुंभ मेला 31 अक्टूबर  से शुरू होगा I इस बार नाशिक कुंभ मेला 21 महीने तक चलेंगे  और जुलाई 2027 मे खत्म  होगा I आज से धार्मिक अनुष्ठान कार्यक्रम की शुरूआत  हो रही है I
यह  राज्य कौशल्य विकास विभाग की पहल से आयोजित यह 21 दिन वाली कार्यक्रम महाराष्ट्र में लागू हो रहा है I नई और नवोन्मेषी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

राज्य के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने बताया कि वर्ष 2027 में नासिक में आयोजित होने वाले महाकुंभ पर्व की तैयारियों के तहत पूजाविधि और पौरोहित्य से जुड़े आवश्यक कौशल सिखाने के लिए कम अवधि में पूरा होने वाला कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 16 दिसंबर से नासिक स्थित श्री स्वामी अखंडानंद वेद–वेदांग संस्कृत महाविद्यालय में यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।

कुंभ मेले के समय पूजा-विधि, पौरोहित्य सेवाओं और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पर्याप्त रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना इस कार्यशाला का प्रमुख लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 21 दिनों तक चलेगा।

21 दिनों की ट्रेनिंग में क्या क्या-होगा? 

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुंभ मेले के शास्त्रीय और वैज्ञानिक महत्व के साथ-साथ पूजन विधि सिखाई जाएगी। साथ ही तीर्थक्षेत्रों में तप-जप, स्नान विधि, शांति सूक्त पाठ, प्रायश्चित्त संकल्प, सकाम व निष्काम संकल्प, वेद और पुराणों में वर्णित पूजन पद्धतियाँ, गोदावरी पूजन, दशविधि स्नान, विष्णु पूजन, गौदान तथा तर्पण विधि जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से प्रतिभागियों को शास्त्रों पर आधारित ज्ञान के साथ-साथ विभिन्न धार्मिक विधियों का व्यावहारिक और प्रत्यक्ष अनुभव भी प्राप्त होगा।

यह कम अवधी में पुरा होने वाले कोर्स का प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग तथा कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक के संयुक्त सहयोग से संचालित किया जाएगा। पाठ्यक्रम की अवधि एक महीने की होगीं I जिसमें कुल 45 घंटे का ट्रेनिंग दिया जाएगा। इसे चार चरणों में बांटा गया है और प्रत्येक चरण के लिए 25 अंक निर्धारित किए गए हैं। प्रतिभागियों की हर सप्ताह मौखिक परीक्षा और बहुविकल्पीय प्रश्नों के जरिए जांच की जाएगी। परीक्षा में मिले अंकों और नियमित उपस्थिति के आधार पर सफल प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा।