IPS, IAS और IFS: काम, जिम्मेदारी और करियर में क्या है फर्क?

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों युवा इसे पास कर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। इस परीक्षा के बाद IAS, IPS और IFS तीन सबसे प्रतिष्ठित सेवाएं मिलती हैं। हालांकि तीनों ही सिविल सर्विस का हिस्सा हैं, लेकिन इनका काम, भूमिका और करियर पूरी तरह अलग होता है।

IPS, IAS और IFS: काम, जिम्मेदारी और करियर में क्या है फर्क?
IPS, IAS और IFS: काम, जिम्मेदारी और करियर में क्या है फर्क?

IPS, IAS और IFS: काम, जिम्मेदारी और करियर में क्या है फर्क?

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों युवा इसे पास कर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। इस परीक्षा के बाद IAS, IPS और IFS तीन सबसे प्रतिष्ठित सेवाएं मिलती हैं। हालांकि तीनों ही सिविल सर्विस का हिस्सा हैं, लेकिन इनका काम, भूमिका और करियर पूरी तरह अलग होता है।

IAS (भारतीय प्रशासनिक सेवा)

IAS का पूरा नाम इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस है। यह देश की सबसे ऊंची प्रशासनिक सेवा मानी जाती है। IAS अधिकारी सरकारी नीतियां बनाते हैं, उन्हें लागू करते हैं और जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक अहम जिम्मेदारियां निभाते हैं। ये अधिकारी राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर काम करते हैं और शासन व विकास से जुड़े फैसलों में बड़ी भूमिका होती है।

IPS (भारतीय पुलिस सेवा)

IPS यानी इंडियन पुलिस सर्विस। इस सेवा का मुख्य काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना, अपराध रोकना, जांच करना और देश की आंतरिक सुरक्षा संभालना होता है। IPS अधिकारी पुलिस विभाग का नेतृत्व करते हैं और गृह मंत्रालय के तहत काम करते हैं। पब्लिक सेफ्टी और नेशनल सिक्योरिटी में इनकी भूमिका बेहद अहम होती है।

IFS (भारतीय विदेश सेवा)

IFS का पूरा नाम इंडियन फॉरेन सर्विस है। यह सेवा भारत की विदेश नीति और कूटनीति से जुड़ी होती है। IFS अधिकारी विदेशों में भारतीय दूतावासों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये ट्रेड, संस्कृति और राजनीतिक रिश्तों को मजबूत करने का काम करते हैं और विदेश मंत्रालय के अधीन रहते हैं।

तीनों सेवाओं में मुख्य अंतर

IAS: प्रशासन और नीति निर्माण

IPS: कानून-व्यवस्था और सुरक्षा

IFS: विदेश नीति और डिप्लोमेसी


IAS और IPS अधिकारी अधिकतर भारत के अंदर काम करते हैं, जबकि IFS अधिकारियों की पोस्टिंग ज्यादातर विदेशों में होती है।

सैलरी और सुविधाएं

तीनों सेवाओं की शुरुआती सैलरी लगभग समान होती है (लगभग ₹56,100 बेसिक), लेकिन पोस्टिंग के हिसाब से अलाउंस अलग-अलग होते हैं। इन सेवाओं में अच्छी सैलरी के साथ सम्मान, पावर और कई सरकारी सुविधाएं भी मिलती हैं।