बीएमसी स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा प्रभाव, दूर स्कूल जाना बना चुनौती !

मुंबई , में कईं बीएमसी स्कूलों के बंद होने के बाद छात्रों को दूर के स्कूलों में भेजा जा रहा है I जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।

बीएमसी स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा प्रभाव, दूर स्कूल जाना बना चुनौती !
मुंबई , में कईं बीएमसी स्कूलों के बंद होने के बाद छात्रों को दूर के स्कूलों में भेजा जा रहा है I जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।

मुंबई , में कईं बीएमसी स्कूलों के बंद होने के बाद छात्रों को दूर के स्कूलों में भेजा जा रहा है I जिससे उनकी पढ़ाई और उपस्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है।


धारावी में 15 मिनट की दूरी हुई अब 45 मिनट! 

धारावी की रहने वाली महिलाएं अपने बच्चों को पहले न्यू माहिम स्कूल भेजती थीं, जो सिर्फ 15 मिनट दूरी पर था I पर अब उस स्कूल को खतरनाक घोषित कर बंद कर दिया गया, जिसके बाद बच्चों को कपाड़ बाजार स्कूल में भेजा गया, जो अब 30–45 मिनट की दूरी पर है।
लंबी दूरी और घर की जिम्मेदारियों के कारण बच्चों का नियमित स्कूल जाना मुश्किल हो गया है।

तीन साल में तीन स्कूल को बदला गया I

माटुंगा लेबर कैंप में रहने वाली सोनल दाभाडे के तीनों बच्चे बीएमसी के मराठी-माध्यम स्कूलों में पढ़ते थे। पहले स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण पढ़ाई पूरी तरह नही  होती थी । फिर बच्चों को न्यू माहिम मराठी स्कूल भेजा गया, लेकिन मरम्मत के लिए वह स्कूल भी बंद हो गया । अब तीनों बच्चे लगभग 2 किलोमीटर दूर सियोन के बीएमसी स्कूल में भेजे जा रहे हैं I
इस प्रक्रिया में बच्चों को तीन साल में तीन स्कूल बदल दिए गए I

स्कूल तक रोजाना पहुंचना  हुआ मुश्किल  लेनी पड़ी दूसरों की मदद ! 

कईं परिवारों के लिए रोज इतने दूर तक पैदल बच्चों को लेकर जाना बेहद कठिन हो रहा है।
कईं मामलों में पड़ोसी एक-दूसरे के बच्चों को लाने-लेजाने में मदद कर रहे हैं, ताकि पढ़ाई जारी रह सके।

बीएमसी का बयान

शिक्षा अधिकारी सुझाता खरे ने बताया कि आसपास के मराठी-माध्यम स्कूलों में छात्रों को साल के बीच में भी भेज दिया जा सकता है। ऐसे छात्रों का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है जो दूर होने की वजह से नियमित नहीं आ पा रहे हैं ।
जरूरत पड़ने पर बड़े छात्रों के लिए बस सुविधा देने पर भी विचार किया जाएगा ।

विशेषज्ञों की राय! 

शैक्षणिक विशेषज्ञों के अनुसार,
बार-बार स्कूल बदलने और अस्थिर माहौल के कारण बच्चे पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं । लगातार स्कूल बदले जाने से  उनकी शिक्षा के प्रति रुचि कम कर सकता है।