जुहू के निवासी बीएमसी चुनाव का बहिष्कार क्यों कर रहे हैं? जानिए कारण...
जुहू की लगभग 15000 लोग, जो करीब 200 सोसायटियों में रहते हैं, उनका कहना है कि, उनकी इमारतें बहुत पुरानी और खराब अवस्था मे है I लेकिन 50 साल पुराने सरकारी नियमों के कारण वो अपनी घरों का पूर्णविकास नही करवा पा रहे हैं I
इस समस्या से परेशान होकर जुहू में ट्रांसमिशन स्टेशन के 500 मीटर के दायरे मे आने वाली लगभग 200 सोसाइटी हैं I निवासियों ने कहा कि सरकार पूर्णविकास की अनुमति नही दे रही है इसलिए वो मुंबई बीएमसी चुनाव में वोट नहीं डालेंगे यानी चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
19 जून 1976 को SRO-150 (वैधानिक नियम और आदेश) नाम के एक सूचना जारी की थी I इसमें लिखा गया था की इन इलाकों मे जो भी इमारतें हैं उनकी ऊँचाई 50 फीट ( 15.24 मीटर ) से ज्यादा ऊँची नही बनाई जा सकती I और अगर किसी को इमारत तोड़कर नया बनाना है तो उन्हे पहले मंत्रालय से NOC लेना ज़रूरी होगा।
7 दिसंबर की बैठक में 200 जुहू निवासियों द्वारा यह फैसला लिया गया I
2010 में आदर्श हाउसिंग सोसाइटी घोटाले के बाद रक्षा मंत्रालय ने 1976 की अधिसूचना फिर से लागू कर दी, जिससे शहर की कई इमारतें—जैसे सोसाइटी, सिनेमा हॉल, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मॉल—प्रभावित हुए थे I
निवासियों ने क्या कहा ?
हाउसिंग सोसाइटी सदस्यों द्वारा कईं शिकायतें बताई गई I कई वरिष्ठ लोगों का कहना है कि, वो दूसरी व तीसरी मंजिल पर रहते हैं और लिफ्ट न होने के कारण उनको सीढ़ियों से चढ़ना व उतरना पड़ता हैं I जिनसे उनको दिक्कत होती है I उनकी सोसाइटी 1980 मे बनाई गई थी I लेकिन अब वो पूरी तरह खराब हो चुकी हैं लेकिन वो चाह कर भी इसका पूर्णविकास नही करवा सकते ऐसे ही बहुत से लोगों की अलग अलग शिकायतें हैं I I इसलिए इस बार वोट न देने का फैसला लिया गया I
जुहू वायरलेस स्टेशन के 500 मीटर दायरे में आने वाली हाउसिंग सोसाइटियों में से एक सांता सदन सोसाइटी है। इसके निवासी अरुण जसोइया बताते हैं कि उन्होंने ‘जुहू वायरलेस अफेक्टेड रेज़िडेंट्स एसोसिएशन’ बनाकर बीएमसी, स्थानीय नेताओं, सांसदों, रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री तक कई बार पत्र भेजे, लेकिन अब तक कोई सहायता नहीं मिली। अगर सरकार हमारी समस्या का समाधान नही करेगी तो हम वोट नही देंगे I