दादर स्टेशन बनेगा मुंबई का नया मिडटाउन टर्मिनस, ₹70 करोड़ की बड़ी योजना
पश्चिम रेलवे ने दादर स्टेशन को और बड़ा व आधुनिक बनाने की योजना तैयार की है। इस परियोजना पर करीब ₹70 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका मकसद दादर को एक मजबूत मिडटाउन टर्मिनस बनाना है, ताकि ज्यादा मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को यहां से चलाया जा सके और मुंबई सेंट्रल पर बढ़ता दबाव कम हो।
दादर स्टेशन बनेगा मुंबई का नया मिडटाउन टर्मिनस, ₹70 करोड़ की बड़ी योजना I
पश्चिम रेलवे ने दादर स्टेशन को और बड़ा व आधुनिक बनाने की योजना तैयार की है। इस परियोजना पर करीब ₹70 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका मकसद दादर को एक मजबूत मिडटाउन टर्मिनस बनाना है, ताकि ज्यादा मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को यहां से चलाया जा सके और मुंबई सेंट्रल पर बढ़ता दबाव कम हो।
इस योजना के अंतर्गत स्टेशन पर नई रेलवे पटरियां बिछाई जाएंगी, प्लेटफॉर्म को बड़ा किया जाएगा और यार्ड की संरचना में सुधार होगा। इसके साथ ही ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) और सिग्नलिंग सिस्टम को आधुनिक बनाया जाएगा। इसे दादर स्टेशन में दशकों बाद होने वाला सबसे बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।
क्या-क्या नया होगा?
प्लेटफॉर्म 7 के पास नई लाइन नंबर 8 बनाई जाएगी, जिसमें पूरी तरह OHE और आधुनिक सिग्नलिंग (डिजिटल और ऑटोमैटिक सिग्नल) होगी
लाइन नंबर 6 को दादर जंक्शन लूप तक बढ़ाया जाएगा
अलग-अलग लाइनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से पीक आवर में ट्रेनों का संचालन आसान होलू
एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को अलग-अलग चलाने में मदद मिलेगी
बनावट बदलाव
यार्ड के विस्तार के लिए रेलवे कॉलोनी के कुछ क्वार्टर तोड़े जाकर दोबारा बनाए जाएंगे। इसके अलावा एक फुट ओवरब्रिज (FOB) को नए तरीके से पुनर्निर्मित किया जाएगा। पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम ऑफिस और यार्ड मास्टर के कार्यालय की जगह भी बदली जाएगी, जिससे संचालन ज्यादा सुचारु हो सके।
फायदे क्या होंगे?
1 ) दादर स्टेशन से 17 प्लेटफॉर्म-रिटर्न एक्सप्रेस ट्रेनों को संभालने की क्षमता I
1 ) यार्ड में ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी I
3 ) लोकल ट्रेनों के साथ टकराव कम होगा I
4 ) विष्य में दादर को छोटे टर्मिनस के रूप में विकसित करने की संभावना I
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस विस्तार से सेंट्रल रेलवे के यात्रियों को भी फायदा होगा, जिन्हें अब एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ने के लिए बांद्रा या मुंबई सेंट्रल नहीं जाना पड़ेगा।
कुल मिलाकर, यह परियोजना दादर स्टेशन को मुंबई के एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक टर्मिनस के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।