H-1B वीज़ा विवाद: ट्रंप के नए नियमों के खिलाफ 19 राज्यों ने ठोकी अदालत की चौखट!

अमेरिका में H-1B वीज़ा को लेकर एक बार फिर सियासी और कानूनी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें नए H-1B वीज़ा आवेदनों की फीस अचानक बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने का आदेश दिया गया है।

H-1B वीज़ा विवाद: ट्रंप के नए नियमों के खिलाफ 19 राज्यों ने ठोकी अदालत की चौखट!
H-1B वीज़ा विवाद: ट्रंप के नए नियमों के खिलाफ 19 राज्यों ने ठोकी अदालत की चौखट!

H-1B वीज़ा विवाद: ट्रंप के नए नियमों के खिलाफ 19 राज्यों ने ठोकी अदालत की चौखट!

अमेरिका में H-1B वीज़ा को लेकर एक बार फिर सियासी और कानूनी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस फैसले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें नए H-1B वीज़ा आवेदनों की फीस अचानक बढ़ाकर 1 लाख डॉलर करने का आदेश दिया गया है।

इस फैसले के विरोध में कैलिफोर्निया की अगुवाई में अमेरिका के 19 राज्यों ने कोर्ट का रुख किया है। राज्यों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ अनुचित है, बल्कि संघीय कानूनों का उल्लंघन भी करता है। इससे ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ती नजर आ रही हैं।

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बॉन्टा के नेतृत्व में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि सरकार ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना और एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर एक्ट का पालन किए बिना यह कदम उठाया है, जो उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

फीस बढ़ोतरी पर राज्यों की आपत्ति
याचिका में बताया गया है कि H-1B वीज़ा प्रोग्राम टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों के लिए बेहद जरूरी है। इन सेक्टर्स में काम करने वाले हजारों विदेशी प्रोफेशनल्स इसी वीज़ा पर निर्भर हैं। मौजूदा फीस को 960 डॉलर या 7,595 डॉलर की सीमा से सीधे 1 लाख डॉलर करना सरकारी संस्थानों और निजी कंपनियों पर भारी आर्थिक दबाव डालेगा। इससे जरूरी सेवाओं में कर्मचारियों की कमी भी हो सकती है।

कैलिफोर्निया की दलील
रॉब बॉन्टा ने कहा कि कैलिफोर्निया जैसी मजबूत अर्थव्यवस्था, जिसे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था माना जाता है, वैश्विक टैलेंट के सहयोग से आगे बढ़ती है। ऐसे में H-1B वीज़ा को इतना महंगा बनाना राज्य की अर्थव्यवस्था और आम लोगों दोनों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा। याचिका में यह भी बताया गया है कि यह बढ़ी हुई फीस 21 सितंबर 2025 के बाद किए गए नए आवेदनों पर लागू होगी, लेकिन इसका असर भविष्य में और गहरा हो सकता है।

इन राज्यों ने किया विरोध
इस मामले में कैलिफोर्निया के अलावा न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स न्यू जर्सी वाशिंगटन, इलिनोइस, एरिजोना कोलोराडो कनेक्टिकट हवाई, मैरीलैंड  मिशिगन मिनेसोटा, नेवादा, नॉर्थ कैरोलिना, ओरेगन, रोड आइलैंड, वर्मोंट और विस्कॉन्सिन शामिल हैं। मैसाचुसेट्स की अटॉर्नी जनरल एंड्रिया जॉय कैंपबेल इस कानूनी लड़ाई में सह-नेतृत्व कर रही हैं।